आखिर क्यों छोड़ना पड़ा Coca Cola को भारतीय बाजार?…

आखिर क्यों छोड़ना पड़ा Coca Cola को भारतीय बाजार?…

जी हां आप सही पढ़ रहे हैं। कभी पार्ले  के चौहान बंधु द्वारा करीब 45 साल पहले 1977 में शुरू किया गया थम्स अप ब्रांड आज वन बिलियन डॉलर के प्रतिष्ठित क्लब में पहुंच गया है। यह भारत का पहला ब्रांड है जिसका मूल्यांकन वन बिलियन डॉलर तक जा पहुंचा है। आज हम आपको बताते हैं थम्स अप ब्रांड के जन्म की कहानी। कैसे यह ब्रांड जन्मा और कुछ ही दिनों में देश भर में छा गया।

थम्स अप का मूल्यांकन वन बिलियन डॉलर

घरेलू एफएमसीजी ब्रांड भी थम्स अप का मूल्यांकन साल 2021 में एक अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस ब्रांड का स्वामित्व रखने वाली कंपनी कोका कोला ने यह जानकारी दी है। कोका-कोला कंपनी के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेम्स क्विंसी ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया ‘हमारे स्थानीय थम्स अप ब्रांड का भारत में मूल्यांकन एक अरब डॉलर हो गया है। बेहतर मार्केटिंग स्ट्रेटेजी के सहारे हम यह आंकड़ा हासिल कर पाए हैं।’’

भारतीय ब्रांड के रूप में हुई शुरूआत

थम्सअप आज भले ही मल्टीनेशनल कंपनी कोका कोला कंपनी का प्रोडक्ट है। लेकिन, कभी इन्हें भारतीय कंपनी पार्ले ने शुरू किया था। यह बात शायद आपके लिए चौंकाने वाली होगी। दरअसल, 1970 के दशक में एक समय ऐसा आया था जब भारत सरकार ने कोका कोला कंपनी के सामने ऐसी शर्त रख दी थी कि उसे भारत से अपना बिजनेस बंद करके जाना पड़ा। कोका कोला की भारत से विदाई के साथ ही देश में थम्स-अप का जन्म हुआ था।

जार्ज फर्नांडीज ने किया था फरमान जारी

वर्ष 1977 में देश से इमरजेंसी  हटाए जाने के तुरंत बाद आम चुनाव हुआ था। इस चुनाव में मजदूर नेता जॉर्ज फर्नाडीज  बिहार की मुजफ्फरनगर सीट से लोक सभा पहुंचे थे। इस जीत के साथ ही उन्हें मोरार जी देसाई सरकार में उद्योग मंत्री बनाया गया था। बतौर केंद्रीय मंत्री अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अमेरिका की मल्टीनेशनल कंपनी आईबीएम और कोका-कोला को भारत छोड़ने का फरमान जारी कर दिया। इन दोनों कंपनियों पर निवेश संबधी नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा था। सरकार ने यह शर्त रखी थी कि कोका कोला को भारत में संचालन के लिए अपनी 60 फीसद हिस्सेदारी किसी भारतीय कंपनी को देनी होगी, लेकिन कोका कोला ने इससे इनकार कर दिया और भारत से बाहर जाने का फैसला कर लिया।

ऐसे हुआ थम्स अप का जन्म

कोका कोला भारत से जाने से पहले देश में कोल्ड ड्रिंक का एक बड़ा बाजार तैयार कर चुका था। उसके जाते ही भारतीय कंपनी पार्ले ने थम्सअप को फ्लैगशिप प्रोडक्ट के तौर पर लॉन्च कर दिया। इसका साथ दो और प्रोडक्ट लिम्का  और गोल्ड स्पॉट  को भी लॉन्च किया था। पार्ले कंपनी के रमेश चौहान और प्रकाश चौहन  ने कंपनी के सीईओ भानु वकील के साथ मिलकर थम्स अप के रुप में अपना फ्लैगशिप ड्रिंक लॉन्च किया था। थम्स अप ने बेहद कम समय में बाजार में अपनी मोनोपॉली बना ली और मार्केट शेयर में भी इजाफा कर लिया। धीरे धीरे यह लोगों के बीच एक लोकप्रिय ब्रैंड बन गया। यह उस वक्त के घरेलू ब्रैंड, कैंपा कोला, डबल सेवन, ड्यूक और यूनाइटेड ब्रुअरीज ग्रप का मैक्डॉवल क्रश को काफी पीछे छोड़ चुका था। 1980 तक यह न सिर्फ अग्रणी ब्रांड रहा बल्कि यह मीडिया जगत के लिए लगातार प्रमुख विज्ञापनदाता भी बना रहा। हालांकि 1980 के मध्य में इसे डबल कोला से जरूर थोड़ी बहुत प्रतिस्पर्धा मिली।

फिर हुई कोका कोला की एंट्री

साल 1991 में जैसे ही भारत सरकार ने विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के दरवाजे खोले, सबसे पहले पेप्सी ब्रैंड ने भारत में एंट्री मारी। इसके बाद पेप्सी और थम्स अप के बीच एंडोर्समेंट्स के लिए तगड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलने लगी। पेप्सी ने थम्स अप को पछाड़ने के लिए जहां जूही चावला जैसे फिल्मी सितारे का सहारा लिया वहीं दूसरी तरफ थम्स-अप ने क्रिकेट में अपनी स्पांसरशिप बढ़ा दी। थम्स अप ने जल्द ही महाकोला नाम से 300 एमएल की नई बोतल भी बाजार में उतारी। महाकोला को छोटे कस्बों में तेजी से लोकप्रियता मिली। इसी बीच, साल 1993 में एक बार फिर से कोका कोला ने इंडिया में एंट्री मारी।

कोका कोला ने खरीद लिया थम्स अप को

कोला कोला की एंट्री ने कोल्ड ड्रिंक्स मार्केट में कंपीटिशन को तिहरा कर दिया। कोका कोला, थम्स अप और पेप्सी तीनों एक दूसरे से मुकाबला कर रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि जिस कंपनी ने पारले को थम्स अप की नीव रखने का आइडिया दिया था, पार्ले ने उसी कंपनी को थम्स अप को 6 करोड़ अमेरिकी डॉलर में बेच दिया। लेकिन तब तक कोका कोला ने थम्स अप ब्रांड की पहुंच को पहचान लिया था। तभी तो उसने इसे बंद नहीं किया बल्कि इसी को प्रोमोट करता रहा। नतीजा आज सामने आया है कि शुद्ध रूप से भारतीय ब्रांड वन बिलियन डॉलर क्लब में शामिल हो गया है।

देखे विडियो :

नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल)

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