देखिये बुलेट ट्रेन कैसे काम करती है?…

देखिये बुलेट ट्रेन कैसे काम करती है?…

क्या आप जानते हैं की अभी जापान ने 600 किमी प्रति घंटे कि रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन को चलाने का इंतजाम कर लिया है। इसके साथ ही भारत में बुलेट ट्रेन के आने का रास्ता खुल गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बुलेट ट्रेन क्या है और यह कैसे चलती हैं। आइये देखें इन सवालों के जवाब क्या है :

बुलेट ट्रेन कब शुरू हुई :

बुलेट ट्रेन, सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन को कहते हैं जिसकी शुरुआत सबसे पहले 1938 में यूरोप में मिलान से फ्लोरेन्स के बीच में 200 किमी प्रति घंटा कि रफ्तार से हुई थी। इसके बाद हाई स्पीड कि टेक्निक को जापान ने सबसे पहले विकसित किया । पहले 1957 में और बाद में 1964 में शीनकानसेन के नाम से शुरू करी ।

बुलेट ट्रेन है क्या :

के अनुसार जो ट्रेन 250 किमी प्रति घंटा कि रफ्तार से चलती है वो हाई स्पीड ट्रेन कहलाती है। इन ट्रेनों का पूरा ढांचा परंपरागत रेल से बिलकुल अलग होता है। इसमें अलग तरह का इंजिन जिसका आकार एयरोडायनिक टाइप का होता है जिसमें हवा से बातें करने कि शक्ति होती हैं। इन रेलों का ट्रैक और पहिये स्टील के बने होते हैं और घुमावदार स्थानों को खास तकनीक से बनाया जाता है जिससे मोड़ पर रेल कि स्पीड कम न हो। अत्यधिक उन्नत तकनीक के सिगनल के इस्तेमाल से इस ट्रेन का संचालन अच्छी तरह से संभव होता है।

बुलेट ट्रेन चलती कैसे है :

इस हाई स्पीड रेल कि बोगियाँ परंपरागत रेल के विपरीत एक दूसरे से जुड़ी होती हैं। इन बोगियों के पहियों में पहले ही ट्रैकशन मोटर्स को जोड़ दिया जाता है। इससे इस ट्रेन कि स्पीड तेजी से शुरू होकर बढ़ जाती है। इसका मतलब यह है कि इसकी बोगियों में लगे उपकरणों कि सहायता से सभी डिब्बे एक दूसरे को सरलता से खींच लेते हैं। इसी कारण इन बोगियों को एक दूसरे से न तो अलग नहीं किया जा सकता है और न ही इन्हें किसी दूसरी ट्रेन में जोड़ा जा सकता है। इस ट्रेन में ट्रेन के ड्राइवर के केबिन के एकदम बाद यात्रियों कि बोगियाँ शुरू हो जाती हैं। यह पूरी ट्रेन का संचालन और नेटवर्क सभी कुछ कंप्यूटर से नियंत्रित होती हैं। इसके लिए ट्रेन के अंदर और ट्रैक पर काफी मात्रा में सेंसर लगे होते हैं। इन सेंसरों कि मदद से कंप्यूटर मिलने वाले सारे डेटा को विश्लेषित करके यह सुनिश्चित करता है कि ट्रेन अपनी पूरी ऊर्जा और क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर रही है और सब कुछ निंयत्रण में है |

देखे विडियो :

नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल)

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. timepass अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

 

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