Jaguar की सफलता की कहानी ,जानिए…

Jaguar की सफलता की कहानी ,जानिए…

इतिहास :

तो दोस्तों इस कहानी की शुरूआत होती है आज से 100 वर्ष पहले जब 1922 में दो मोटर्स बाईक के दीवानों ने साथ मिलकर एक कंपनी बनाई जिस कंपनी का नाम उन्होंने स्वालों साइडकार कंपनी रखा और यह कंपनी तब कार नही बल्कि मोटरसाईकिल बनाया करती थी और जिन्होंने यह कंपनी खोला था उनका नाम था विलियम लाॅयर्स और विलियम वाॅल्समेसले और आगे चलकर उनके एक पार्टनर विलियम्स वाॅल्समेसले ने अपनी हिस्सदारी को बेचने की सोची और कंपनी के शेयरों को आम पब्लिक को बेच दिया।

जिसके बाद कंपनी का पुर्नगठन हुआ और कंपनी का नाम S S Car लिमिटेड कंपनी रखा गया और फिर S S कार ने स्टैंडर्ड मोटर्स कंपनी के साथ मिलकर कार बनाने की शुरूआत की और S S कार लिमिटेड कंपनी जो कार बनाती थी उसे Jaguar नाम के साथ लॉन्च करती थी।

जैसा की 1935 में Jaguar मॉडल का पहला कार TWO & Half फिल्टर इंजन के साथ S S 90, Sports Saloon और इसी Model से मैच करता हुआ Open Seat Model, 3 & Half Ltr के साथ S S 100 लाँच किया गया।

और साथियों Jaguar अभी तक केवल SS CAR लिमिटेड कंपनी की कार के माॅडल का नाम था। लेकिन 23 मार्च 1945 को शेयर होल्डर्स के साथ मीटिंग में इस कंपनी के नाम को बदलकर Jaguar रखने का फैसला किया गया।

दरअसल नाम बदलने का कारण यह भी था की एस-एस कार सुनने में ज्यादा आकर्षक नही लगता था और दूसरे वर्ल्ड वॉर के बाद से इसे नकारात्मक माना जाने लगा था।

Jaguar कार ने 1950 के दशक में शानदार लग्जरी और ताकत से लैस गाड़ियां बनाई जिसमें Jaguar की पहली सफल कार XK120, 1948 में लाँच की गई थी और साथियों उस समय Jaguar कार का स्लोगन होता था ग्रेस स्पेस पेस जिसमें ग्रेस का मतलब इसकी जबरदस्त बनावट था, स्पेस का मतलब इसके अंदर की पर्याप्त जगह से था, और पेस से तात्पर्य इस कार की स्पीड से था और Jaguar अपने इन्हीं तीन मंत्र को फॉलो करते हुए अपनी Cars को लाँच करती रही और यही कंपनी की कामयाबी की सबसे बड़ी वजह रही।

XK120 के बाद से Jaguar की XT140, और XT150 कार आई जो की स्पोर्ट्स कार की दुनिया में तहलका मचा दिया था और अपने शानदार लुक्स और फीचर्स के कारण यह लोगों के मन का लुभाने में कामयाब रही थी।

साथ ही इस कार कंपनी के लिए गौरव का मौका तब आया जब Jaguar की कार ने Hours Of Le Mans रेस जीती और XK सीरीज की शानदार सफलता के बाद Jaguar ने E-Types के भी कार बनाए जो की लोगों में काफी लोकप्रिय रही।

अब तक Jaguar कार के लिए सबकुछ सही चल रहा था लेकिन 1965 में जो स्टील कंपनी Jaguar कार के लिए BODY बनाती थी उसे किसी दूसरी कंपनी ने खरीद लिया और लाॅयन्स Jaguar कार के फ्यूचर को लेकर चिंता में पड़ गए और साथ ही उनकी चिंता का यह भी कारण था की उनकी उम्र बढ़ती जा रही थी और उनकी कोई संतान भी नही थी जो की उनके कार्यभार को संभाले और इन्हीं सब बातों से परेशान होकर 1966 में लाॅयन्स ने Jaguar कंपनी को ब्रिटिश मोटर्स कार (बीएमसी) को बेच दिया और 1984 में Jaguar स्टॉक मार्कट में लिस्ट किया गया लेकिन वहां पर कंपनी अपने आपको ज्यादा समय तक कायम नही रख सकी।

और 1990 में Jaguar को लंदन स्टॉक एक्सचेंज से हटा दिया गया और उसी समय FORD ने Jaguar को खरीदने की इच्छा जताई लेकिन किसी वजह से यह डील पूरी नही हो सकी और 1999 में जाकर Jaguar, आॅस्टन माल्टिन, और Volvo कार की तरह ही फोर्ड का हिस्सा बन गई लेकिन फोर्ड के लिए Jaguar एक घाटे का सौदा रही और उन्होने 2008 में Jaguar को Land Rover के साथ में भारतीय कंपनी टाटा मोटर्स को बेच दिया और इस तरह से Jaguar भारतीय कंपनी टाटा मोटर्स का हिस्सा बन गई।

सफलता :

2011 में Jaguar कार के लिए पुणे में एक नया प्लांट तैयार किया गया इसके साथ ही यह भारत का पहला प्लांट बना जहां पर Jaguar की गाड़ियां बनाई जाती है।

और 2017 के टेक फेस्टिवल में Jaguar ने अपनी सेल्फ ड्राईविंग गाड़ियां लोगों को दिखाई Jaguar का मानना है कि आगे चलकर सेल्फ ड्राईविंग कार और बिजली से चलने वाली गाड़ियां ही दुनिया पर राज करेगी और वह इसके लिए पुरी तरह से तैयार है।

साथियों अब हम यही कहना चाहते है की Jaguar के सफर जो कई दशकों पहले शुरू हुआ था उसके सफर में उनके कई मालिक बदलते रहे पर इन सबके बावजूद भी इस कंपनी की गाड़ियों की क्वालिटी में कोई भी कमी नही आई और Jaguar की गाड़ियां हमेशा से बेस्ट रही है।

देखे विडियो :

नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल)

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. timepass अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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