क्यों हुई Atlas Cycle कम्पनी बन्द…

क्यों हुई Atlas Cycle कम्पनी बन्द…

गाजियाबाद

देश की मशहूर साइकल कंपनी एटलस (Atlas) ने आर्थिक तंगी के चलते कारखाना चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। कंपनी का कहना है कि उनके पास अब कोई पैसा नहीं बचा है। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए ले-ऑफ की सूचना दे दी है। विश्व साइकल दिवस (World Bicycle Day 2020) के दिन ही साइकल बनाने वाली भारतीय कंपनी एटलस साइकिल्स (हरियाणा) लिमिटेड आर्थिक संकट के चलते बंद हो गई।
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एटलस ने उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद का कारखाना चलाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। कंपनी की ओर से यहां के वर्कर्स को एक नोटिस दिया गया है। इस नोटिस में कारखाने के प्रबंधक ने कहा है कि मालिकों के पास कारखाना चलाने के लिए रकम नहीं है, इसलिए वर्कर्स ले ऑफ लें।

जारी किया ले-ऑफ नोटिस

नोटिस में कहा गया है कि कंपनी पिछले कई वर्षों से भारी आर्थिक संकट से गुजर रही है। कंपनी ने सभी उपलब्ध फंड खर्च कर दिए हैं। अब स्थिति यह है कि कंपनी के पास कोई भी आय के स्रोत नहीं बचे हैं। यहां तक कि दैनिक खर्चों के लिए भी धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

‘आर्थिक संकट से जूझ रही कंपनी’

कारखाने के नोटिस में कहा गया है कि कंपनी पिछले कई वर्षों से भारी आर्थिक संकट से गुजर रही है। कंपनी ने सभी उपलब्ध फंड खर्च कर दिए हैं। अब स्थिति यह है कि कंपनी के पास कोई भी आय के स्त्रोत नहीं बचे हैं। यहां तक कि दैनिक खर्चों के लिए भी धन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

कर्मचारियों ने किया विरोध

लॉकडाउन में कंपनी का उत्पादन ना होने से आर्थिक संकट में चल रही साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 की एटलस कंपनी ने अपने सैकड़ों कर्मियों को ले-ऑफ कर दिया। कंपनी के नोटिस से गुस्सा कर्मचारियों ने कंपनी के गेट पर ही प्रदर्शन कर विरोध जताया। सूचना पर पहुंची लिंक रोड पुलिस ने कर्मचारी इकट्ठा होने पर हल्का बल प्रयोग कर सभी को हटाया।

कर्मचारियों की नौकरी खतरे में

बता दें कि साहिबाबाद स्थित इस कारखाने के बंद होने के बाद यहां काम करने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। एक कर्मचारी ने बताया कि कारखाना बंद होने से लगभग 450 कर्मचारी सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। वहीं अस्थाई तौर पर प्रभावित लोगों को मिला लें तो फैक्ट्री बंद होने से 700 कर्मचारियों पर असर पड़ेगा।

देखे विडियो :

नोट – प्रत्येक फोटो प्रतीकात्मक है (फोटो स्रोत: गूगल)

[ डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज वेबसाइट से म‍िली जानकार‍ियों के आधार पर बनाई गई है. timepass अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है. ]

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